बकाणी स्कूल में बहरापन जागरूकता कार्यक्रम में प्रतियोगिता के दौरान छात्रा को सम्मानित करते स्वा
चंबा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बकाणी में जिला स्तरीय बहरापन जागरूकता सप्ताह के दौरान छात्रों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन ठाकुर ने कहा कि लगातार एयरफोन से ऊंची आवाज में सुनना, कान को स्वयं तीली से खुजाना, कान में पस पड़ना या अन्य संक्रमण बहरापन का कारण बन सकते हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं में फोलिक एसिड व आयोडीन की कमी, सिफलिस और रूबेला संक्रमण को भी बहरापन के मुख्य कारणों में शामिल बताया।
डॉ. ठाकुर ने कहा कि भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार 5.73 मिलियन लोगों को सुनने में और 1.98 मिलियन को बोलने में कठिनाई होती है। 0-6 वर्ष के बच्चों में 23 प्रतिशत और 0-19 वर्ष की उम्र में 20 प्रतिशत युवाओं को सुनने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को बहरापन के मामलों में समय पर देखभाल और रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। छात्रों को सलाह दी गई कि किसी भी बहरापन की समस्या होने पर सीधे स्वास्थ्य संस्थान के विशेषज्ञ से संपर्क करें और झोलाछाप उपचार से बचें। शिविर में छात्रों के बीच भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें किरण ने प्रथम, दिव्यांशी द्वितीय और नेहा तृतीय स्थान प्राप्त किया। याशिता और रिया को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।