भरमौर (चंबा)। भरमौर उपमंडल की पूलन पंचायत में देर रात दो बजे भारी बारिश के बाद गड़ा नाले में बढ़े जलस्तर के बाद मलबे के नीचे दबने से भेड़-बकरियों की मौत से भेड़ पालक को लाखों की चपत लगी है। प्रभावित ने नुकसान की सूचना पंचायत प्रधान को दी। उसके बाद भरमौर प्रशासन को नुकसान की सूचना दी गई। मंगलवार को संबंधित क्षेत्रीय पटवारी और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर वास्तु स्थिति का जायजा लिया।
प्रभावित भेड़पालक मदन लाल पुत्र युनिया राम निवासी पूलन ने बताया कि खाद एकत्रित करने के लिए उन्होंने अपनी भेड़-बकरियां खेत में ही रखी थी। सोमवार देर रात करीब दो बजे मौसम के बदले तेवरों के बाद क्षेत्र में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बादलों की गर्जना के साथ हुई भारी बारिश से अचानक गड़ा नाले का जलस्तर बढ़ गया। नाले में बढ़े जलस्तर को देख उन्होंने परिवार सहित वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। कहा कि आंखों के सामने नाले में बहकर आए मलबे और पत्थरों की जद में उसकी 30 के करीब भेड़-बकरियां दब गईं। करीब दस भेड़-बकरियां घायल हुई हैं।
पूलन पंचायत की प्रधान अंजना ठाकुर ने बताया कि सोमवार देर रात गड़ा नाले में जलस्तर की जद में आने से मदन लाल की 30 के करीब भेड़-बकरियां दब कर मर गईं। मलबे में दबी भेड़-बकरियों को निकालने का क्रम जारी है। पंचायत प्रधान ने प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने की मांग उठाई है।
उपमंडल अधिकारी मनीष कुमार सोनी ने बताया कि मौके पर पटवारी और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया है। एडीएम भरमौर पृथी पाल सिंह ने कहा कि पूलन पंचायत के गड़ा नाले में बादल नहीं फटा है। बल्कि, भारी बारिश के बाद गड़ा नाले में बढ़े जलस्तर से मलबे की जद में आने से भेड़-बकरियां दबी हैं। कहा कि प्रभावित को नुकसान के अनुरूप उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।