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प्रियुंगल स्वास्थ्य उपकेंद्र में चार साल से लटका ताला

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सलूणी (चंबा)। ग्राम पंचायत भांदल के प्रियुंगल गांव में बने स्वास्थ्य उपकेंद्र में चार साल से ताला लटका हुआ है। इसके चलते प्रियुंगल गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए भटकना पड़ रहा है। लाखों रुपयों की लागत से बनाया स्वास्थ्य उप केंद्र किसी काम का नहीं है। ग्रामीण केंद्र को नियमित रूप से चलाने के लिए कई बार सरकार और स्वास्थ्य विभाग को पत्र भी भेज चुके हैं, लेकिन आज दिन तक उन पत्रों पर किसी ने गौर नहीं किया।
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यही कारण है कि प्रियुंगल गांव के लोगों को छोटी बीमारी का इलाज करवाने के लिए भी 28 किमी दूर सलूणी की दौड़ लगानी पड़ रही है। गौरतलब है कि कोरोना काल में ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। इस दौरान बसों की आवाजाही बंद थी। लोग सामान्य बीमारी का उपचार करवाने के लिए सलूणी नहीं पहुंच पा रहे थे। लोगों को गंभीर रूप से बीमार होने पर निजी वाहन करके या एंबुलेंस का सहारा लेकर सलूणी पहुंचना पड़ रहा था। जबकि, गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भांदल पंचायत के पूर्व प्रधान हेमराज चंदेल और ग्रामीणों अशोक कुमार, होशियार सिंह, योगराज, प्यार चंद और प्रताप सिंह ने बताया कि प्रियुंगल गांव में बने स्वास्थ्य उपकेंद्र का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। बच्चों से लेकर बूढ़ों को इलाज करवाने के लिए सलूणी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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कहा कि सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र तो खोल दिया, लेकिन केंद्र को चलाने के लिए स्टाफ की व्यवस्था नहीं की। इसको लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र को जल्द खोलने की मांग की है। खंड चिकित्सा अधिकारी किहार डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद पड़ा है। इसे जल्द खोलने की व्यवस्था की जाएगी।
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