आवक बढ़ने के बाद भी रसोई को राहत नहीं, गृहिणियों का बिगड़ा बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खेतों से देसी सब्जियां बाजार तक पहुंचने लगी हैं, लेकिन इनके दामों की तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही।
लोगों को उम्मीद थी कि स्थानीय सब्जियों की आवक बढ़ते ही बाजार में कीमतें नीचे आएंगी, मगर फिलहाल यह उम्मीद पूरी होती नजर नहीं आ रही। महंगी सब्जियों ने खासकर गृहिणियों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
चंबा बाजार में इन दिनों घिया 50 से 60 रुपये, भिंडी 60 से 70 रुपये, शिमला मिर्च 80 से 90 रुपये, बीन 60 से 80 रुपये और टमाटर 50 से 60 रुपये किलो बिक रहा है। रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली इन सब्जियों के ऊंचे दाम के चलते परिवारों को हर खरीदारी में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
गृहिणियों रजनी देवी, शीला कुमारी, वंदना देवी और माला कुमारी सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि देसी सब्जियों की बाजार में दस्तक के बाद कीमतें कम होने की उम्मीद थी। इसके बावजूद दामों में खास कमी नहीं आई है। उनका कहना है कि सब्जियों की महंगाई का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ रहा है। पहले जहां जरूरत के अनुसार सब्जियां खरीदी जाती थीं, वहीं अब दाम देखकर मात्रा कम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। महिलाओं ने सब्जियों के दामों में जल्द राहत की उम्मीद जताई है।