चंबा। राजकीय न्यू मॉडल कॉलेज लिल्हकोठी का भवन सात साल बाद भी तैयार नहीं हो पाया है। 3 फरवरी, 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉलेज भवन का ऑनलाइन शिलान्यास किया था। इस भवन को 2021 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था। भवन का आज तक महज 95 प्रतिशत ही कार्य हो पाया है। लिहाजा विद्यार्थी किराये के भवन में कक्षाएं लगा रहे हैं।
वर्ष 2016-2017 में कॉलेज में शिक्षा का पहला सत्र आरंभ हुआ। पहले सत्र में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। इस दौरान कक्षाएं किराये के छह कमरों में शुरू की गईं। इसके बाद मार्च 2019 में छह करोड़ रुपये की राशि से चार मंजिला भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ। अब लिल्हकोठी कॉलेज में क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों किलोड़, राड़ी, गाण समेत अन्य से 105 विद्यार्थी उच्च शिक्षा अर्जित करने के लिए पहुंचते हैं। बावजूद इसके कॉलेज भवन न होने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाना तैनात स्टाफ के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता वीसी ठाकुर का कहना है कि कॉलेज के रास्ते में आने वाली कूहल और घराट के कारण कुछ समय तक कार्य बीच में बंद करना पड़ा। इसके अलावा ठेकेदार भी अस्वस्थ रहा। इसके चलते निर्माण कार्य में कुछ देरी हुई है। 95 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही कार्य पूरा करवाया जाएगा। उधर, लिल्हकोठी कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य अनित ठाकुर ने बताया कि कॉलेज भवन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जिस कारण विद्यार्थी किराये के कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। एक माह के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ तो प्रबंधन अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई भी कर सकता है।