चंबा ओबड़ी के पास स्कूल की छत के साथ गिरा पेड़।संवाद
चंबा। भारी बारिश से सताए जिले के लोगों की जिंदगी बुधवार को भी पटरी पर नहीं लौट पाई। भरमौर-पठानकोट हाईवे जांघी से भरमौर तक जगह-जगह भूस्खलन के चलते यातायात के लिए बंद है, जबकि जिले 204 सड़कें बाधित हैं। वहीं, 219 ट्रांसफार्मर बंद होने से 1,095 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। सड़कें और बिजली बंद होने से लोग अपने घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। बिजली के अभाव में लोग चाहकर भी अपनों से बात तक नहीं कर पा रहे हैं। आलम, यह है कि अब ग्रामीण मजबूरन मीलों पैदल सफर तय कर आवाजाही करने को विवश हैं। जिले में 194 पेयजल योजनाएं विभिन्न जगहों पर हुए भूस्खलन के कारण ठप हैं। विभागीय टीमें फील्ड में पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने में डटी हुई हैं।
ये मार्ग बंद,
चंबा-तीसा मार्ग पर जगह-जगह पर भूस्खलन से मुख्य सड़क बंद हैं। कोटी पुल से लेकर सलूणी और सलूणी से लंगेरा तक मार्ग बंद हो गया है।
ये सड़कें छोटी गाड़ियों के लिए बहाल
सुंडला-सलूणी और चकलू-सुंडला मार्ग छोटी गाड़ियों के लिए बहाल करवा दिया है। बनीखेत-डलहौजी-खज्जियार वाया लक्कडमंडी मार्ग, तुन्नूहट्टी-लाहडू-चुवाड़ी मार्ग छोटे वाहनों के लिए बहाल करवा कर लोगों को राहत प्रदान करने की गई है।
चंबा ओबड़ी के पास स्कूल की छत के साथ गिरा पेड़।संवाद