चंबा में भारी बारिश के चलते कुरांह के पास बंद पड़ा भरमौर-पठानकोट एनएच और लगा जाम।संवाद
चंबा। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर तुन्नूहट्टी, लाहरा, केरू पहाड़ समेत जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ गिरने से 11 घंटे वाहनों की रफ्तार थमी रही। शनिवार सुबह भारी बारिश के बाद भूस्खलन से हाईवे बंद हो गया वहीं, जिले में प्राकृतिक आपदा से अब तक 38 सड़कें, 398 ट्रांसफार्मर और 17 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। अमूमन 2000 गांवों में अंधेरा पसरा है। लोगों को अपने दैनिक कार्य करने, मोबाइल चार्ज करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। विभागीय टीमें व्यवस्थाओं को सुचारु करने में जुटी हुई हैं।
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर तुन्नूहट्टी, लाहरा, केरू पहाड़ समेत जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ गिरने से शुक्रवार रात वाहनों की रफ्तार थम गई। हाईवे बंद होने से एचआरटीसी, निजी बसों समेत अन्य बड़े-छोटे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलने के बाद विभागीय मशीनरी और लेबर हाईवे बहाल करने के लिए मैदान में उतरी। आखिरकार शनिवार दोपहर 1:00 बजे हाईवे पूरी तरह से यातायात के लिए बहाल किया जा सका।
वहीं, भारी बारिश के कारण भटियात विस क्षेत्र के अधीन 257 ट्रांसफार्मर, डलहौजी में 121, भरमौर में 8, तीसा में 7, सलूणी में 3 और चंबा में 2 ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण अमूमन दो हजार गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। जिले के भरमौर में 13, चंबा में 8, सलूणी में 6, तीसा में 5, भटियात में 4, पांगी और डलहौजी में एक- एक मार्ग यातायात के लिए बंद हैं। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा के बाद जिला में अब 17 पेयजल योजनाएं बंद हैं। उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने के लिए विभागीय टीमें दिन-रात डटी हुई है। जल्द व्यवस्थाएं पूरी तरह से बहाल करने की योजना हैं।