किहार स्कूल में 94 विद्यार्थियों में 40 की मैथ में कंपार्टमेंट, 19 फेल
स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावक खराब रिजल्ट को लेकर हुए मुखर
संवाद न्यूज एजेंसी
किहार (चंबा)। स्कूलों में अध्यापकों की कमी विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। जिले के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल किहार में इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देने को मिला। मंगलवार को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में 94 विद्यार्थियों में से 40 विद्यार्थियों की मैथ विषय में ही कंपार्टमेंट आई है। इतना ही नहीं, विद्यालय में 19 विद्यार्थी फेल भी हुए हैं। स्कूल में दो साल से मैथ का अध्यापक नहीं है। वहीं, जमा एक और दो कक्षाओं को पढ़ाने वाले मैथ प्रवक्ता का पद भी चार सालों से खाली पड़ा है। हिंदी विषय के अध्यापक का पद दस और टीईटी का पद दो साल से रिक्त है। स्कूल में अध्यापकों और प्रवक्ताओं के पद खाली होने से स्कूल में खराब आए परीक्षा परिणाम को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावक भी मुखर हो उठे हैं। अभिभावकों में रोष है कि कई बार स्कूल प्रबंधन समिति के जरिये प्रस्ताव भेजने के बाद भी प्रदेश सरकार और न ही शिक्षा विभाग ने रिक्त पदों को भरने के प्रयास किए हैं। इसका खामियाजा दसवीं बोर्ड की परीक्षा में विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा है।
एसएमसी अध्यक्ष गुलजार मोहम्मद सहित सदस्यों अयूब मोहम्मद, रितु, रेलमो, हफीजा, इमरान, बलदेव, मंजूर, भुट्टो ने बताया कि स्कूल में स्वीकृत 20 पदों में से सात पद रिक्त हैं। इनमें मैथ का अध्यापक और प्रवक्ता, हिंदी, टीईटी नॉन, पीईटी और क्लर्क के तीन पद रिक्त हैं। बताया कि कई बार बच्चों के भविष्य को देखते हुए एसएमसी से प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग और सरकार को भेजे हैं लेकिन, अभी तक उस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया है। विद्यालय में 550 के करीब विद्यार्थी शिक्षा अर्जित कर रहे हैं। मंगलवार को निकले दसवीं के परीक्षा परिणाम में कुल 94 विद्यार्थियों में से 42 विद्यार्थी की कंपार्टमेंट आई है। इनमें मैथ के 40 और अंग्रेजी विषय के दो विद्यार्थी शामिल हैं। कुल 19 विद्यार्थी फेल हुए हैं। स्कूल का परीक्षा परिणाम 35.1 प्रतिशत रहा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बबिता पठानिया ने बताया कि कई बार एसएमसी की ओर से प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति को भेजे गए हैं लेकिन, अभी तक रिक्त पदों को नहीं भरा जा सका है। बताया कि यदि पद भरा होता तो इस प्रकार का खराब परीक्षा परिणाम न रहता।
शिक्षा विभाग के उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि रिक्त पदों को भरने के लिए उनके पास पहुंचे प्रस्ताव को शिक्षा निदेशालय को भेजा गया है। निदेशालय के आदेशानुसार ही रिक्त पदों को भरा जा सकता है।
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