चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में लैब तकनीशियनों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में 90 तकनीशियनों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से मात्र 30 पद ही भरे गए हैं। इनमें भी पांच ही नियमित तकनीशियन हैं, जबकि 25 आउटसोर्स के आधार पर तैनात हैं। 60 पद छह साल से खाली पड़े हैं।
अस्पताल के वार्ड और ओपीडी में इलाज करवाने आने वाले मरीजों के टेस्ट की अहम जिम्मेदारी लैब तकनीशियनों के पर रहती है, लेकिन मौजूदा समय में इन कर्मचारियों की भारी कमी चल रही है।
स्थानीय निवासी सुनील कुमार, प्यार सिंह, अजय कुमार, हंसराज, नेक सिंह, सूरज, नरेंद्र और प्रताप चंद ने बताया कि मौजूदा समय में मरीजों के टेस्ट की व्यवस्था क्रस्ना लैब को सौंपी गई है। सरकारी लैब चलाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पास पर्याप्त तकनीशियन नहीं है।
वहीं, क्रस्ना लैब में मरीजों को 24 घंटे के उपरांत टेस्ट रिपोर्ट मिल रही है। ऐसे में अस्पताल के भीतर सरकारी लैबों में 24 घंटे टेस्ट की सुविधा मरीजों को मिलती है तो मरीजों को राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि तकनीशियनों के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि सरकार से डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ के रिक्त पदों को भरने की मांग की गई है। जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।