चंबा। भारत इंदा देश है, असी सारे भारतवासी इक हिन...राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुम्हारका में विद्यार्थी चंबियाली बोली में प्रार्थना सभा कर रहे हैं।
स्कूल प्रबंधन ने मंगलवार से ऐसी पहल की है। चंबियाली बोली में प्रार्थना सभा करने वाला कुम्हारका स्कूल जिले का पहला विद्यालय बन गया है। विद्यालय प्रबंधन ने आने वाले समय में हिंदी और संस्कृत भाषा में भी प्रार्थना सभा करवाने की कार्ययोजना तैयार की है। स्थानीय बोली में प्रार्थना सभा करने को लेकर स्कूली विद्यार्थी भी काफी उत्साहित दिखे।
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी के दिशा-निर्देशानुसार स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने को लेकर पत्र जारी किया गया है। इसके तहत स्कूल प्रबंधन ने यह पहल की है। इसके तहत चंबियाली बोली को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय में मंगलवार को प्रतिज्ञा, विचार, समाचार और प्रश्न-उत्तर भी चंबियाली भाषा में ही हुए। स्कूल प्रबंधन अब एक सप्ताह तक नियमित रूप से प्रार्थना सभा चंबियाली बोली में ही करवाएगा। इसके बाद आगामी सप्ताह में हाउस वाइज चंबियाली गतिविधियां भी होंगी।
प्रार्थना सभा में ये होती हैं गतिविधिया
वंदे मातरम, गायत्री मंत्र, प्रार्थना, प्रतिज्ञा, विचार, समाचार की सुर्खियां, प्रश्न-उत्तर और राष्ट्रगान प्रतिदिन प्रार्थना सभा में शामिल रहते हैं।
क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
कुम्हारका स्कूल के प्रधानाचार्य परीक्षित शर्मा ने बताया कि मंगलवार से विद्यालय में प्रार्थना सभा चंबियाली बोली में ही करवाई गई। चंबियाली बोली में होने वाली प्रार्थना सभा को लेकर बच्चे काफी उत्सुक दिखे। डाइट सरू के परियोजना अधिकारी के निर्देशानुसार पहाड़ी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रयास किया गया है।