पालकी में उठाकर सूही माता का चिह्न मंदिर तक पहुंचाएंगे कहार
तीन दिन तक चलेगा सूही माता मेला, बैंड-बाजों की धुनों पर निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा
पिंक पैलेस से लेकर फूल मालाओं और रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया जाएगा माता का मंदिर
11 अप्रैल से शुरू होगा तीन दिवसीय मेला, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे ही होंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला स्तरीय सूही मेला 11 अप्रैल से शुरू होगा। इसके आयोजन को लेकर मंदिर में रंग-रोगन का कार्य शुरू हो गया है। नगर परिषद ने सफाई से लेकर गेट और टूटे डंगे की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। चंबावासियों को पानी की किल्लत से निजात दिलाने के लिए बलिदान देने वाली रानी सुनयना की याद में हर वर्ष यह तीन दिवसीय मेला आयोजित किया जाता है। इसमें सैकड़ों की तादाद में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल होते हैं। पिंक पैलेस से लेकर सूही माता मंदिर को फूल मालाओं और रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया जाएगा।
सूही मेले का आगाज पिंक पैलेस से माता के चिह्न को पालकी में उठाकर काहरों की ओर से सूही माता मंदिर सूही मढ़ तक लाया जाएगा। इस दौरान बैंड-बाजे की धुनों पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। अगले दिन सूही मढ़ से माता के समाधि स्थल तक जातर निकाली जाती है। इसमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं। तीसरे दिन सूही मढ़ में पूजा-अर्चना के बाद माता के चिह्न को पिंक पैलेस ढोल-नगाड़ों की थाप पर पहुंचाया जाता है। इस दौरान गद्दी समुदाय की महिलाएं घुरेई की प्रस्तुति देकर मनमोहक नृत्य करती हैं। जिला स्तरीय सूही माता मेले को लेकर नगर परिषद चंबा की ओर से अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर में उखड़े हुए सीमेंट की जगह दोबारा मरम्मत करने के साथ रंग-रोगन किया गया है। नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि सूही मेले के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कर्मचारी सफाई व्यवस्था और रंग-रोगन करने में जुट गए हैं।