धर्मशाला। जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने उन्मूलन गतिविधियों को तेज करते हुए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके तहत स्कूलों, गांवों और पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान को गति देने के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और ''माय भारत'' के युवा स्वयंसेवियों को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा।
यह निर्णय वीरवार को धर्मशाला अस्पताल के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में जिले में चल रहे उन्मूलन कार्यों की प्रगति, संभावित मरीजों की समय पर पहचान, जांच और निरंतर उपचार की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समुदाय और युवाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
बैठक में केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए ''संयुक्त स्वास्थ्य अभियान'' (जॉश) को लेकर रणनीति तय की गई। इसके अंतर्गत जिले के सभी विकास खंडों में प्रथम श्रेणी अधिकारियों के नेतृत्व में संयुक्त स्वास्थ्य दलों का गठन और पंजीकरण किया जाएगा।
ये संयुक्त स्वास्थ्य दल स्कूलों, गांवों और ग्राम पंचायतों में जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों, शीघ्र जांच, नियमित दवा सेवन और बचाव के उपायों की जानकारी देंगे। टीबी मुक्त पंचायत पहल को सफल बनाने और जमीनी स्तर पर निगरानी रखने में युवाओं की यह टीम अहम भूमिका निभाएगी। -डॉ. आरके सूद, जिला क्षय रोग अधिकारी, कांगड़ा