शिक्षा उपनिदेशक को सौंपा मांगपत्र, वर्ष 2002 में शुरू भर्ती प्रक्रिया का दिया हवाला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हिमाचल प्रदेश जेबीटी बैच 2006-08 इन-सर्विस टीचर यूनियन का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार जरियाल की अगुवाई में शिक्षा उपनिदेशक से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त अधिकारी का स्वागत करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ, शॉल और हिमाचली टोपी भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने की मांग को लेकर मांगपत्र सौंपा गया।
प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार जरियाल ने बताया कि जेबीटी बैच 2006-08 की मूल भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2002 में शुरू हुई थी। जनवरी 2002 में निदेशालय के पत्र के बाद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने जेबीटी-2002 के लिए प्रवेश सूचना जारी की थी। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2002 और लिखित परीक्षा छह अक्तूबर 2002 निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया 15 मई 2003 की कट ऑफ तिथि से पहले ही शुरू हो चुकी थी।
उन्होंने बताया कि बाद में परीक्षा पुनर्निर्धारित होने पर पुराने अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा शुल्क से छूट और आयु में विशेष संरक्षण दिया गया। 18 अप्रैल 2004 को परीक्षा हुई। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों ने वर्ष 2006-08 में दो वर्षीय जेबीटी प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान सरकार की ओर से बॉन्ड भी भरवाए गए और इसके बाद स्वीकृत पदों पर नियमित नियुक्तियां दी गईं।
प्रतिनिधिमंडल ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हुई न्यायिक कार्यवाही के साथ हिमाचल प्रदेश वित्त विभाग के नौ जुलाई 2026 के कार्यालय ज्ञापन और भारत सरकार के तीन मार्च 2023 के आदेश का हवाला देते हुए पात्र कर्मचारियों को ओपीएस देने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल नियुक्ति तिथि के आधार पर निर्णय लेने के बजाय वर्ष 2002 से शुरू भर्ती प्रक्रिया, चयन, प्रशिक्षण और नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने पात्र कर्मचारियों के ऑप्शन फॉर्म स्वीकार कर मामले को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष भेजने की मांग की।