डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई विभागीय जांच
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नाबालिग लड़की को डराने-धमकाने और बयान बदलने के लिए दबाव बनाने के आरोप में निलंबित किए गए पुलिस अधिकारी और जवानों के मामले की विभागीय जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है। जांच अधिकारी मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे पुलिस अधीक्षक चंबा को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ आगामी विभागीय कार्रवाई तय होगी।
प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक ने चारों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर पुलिस लाइन में तैनात कर दिया है। जानकारी के अनुसार, चुराह उपमंडल निवासी एक व्यक्ति ने 7 अप्रैल 2026 को महिला थाना चंबा में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी नाबालिग बेटी को क्षेत्र का एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने पुलिस की सहायता ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना चंबा ने जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए, जिनसे युवती और युवक की लोकेशन चेन्नई में मिली। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम दोनों की तलाश में रवाना हुई। चेन्नई पहुंची टीम के सामने भाषा एक बड़ी चुनौती बनी, क्योंकि स्थानीय लोग तमिल भाषा बोल रहे थे। इसके बावजूद पुलिस टीम युवक और युवती तक पहुंचने में सफल रही। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों को चंबा लाया गया। युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि युवक को हिरासत में रखा गया।
इसी मामले में अनुशासनहीनता और नाबालिग को प्रभावित करने की शिकायत मिलने के बाद जांच टीम में शामिल कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और अधिकारी सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक चंबा विजय सकलानी ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।