चंबा में बैठक के दौरान मौजूद सेवानिवृत्त विद्युत बोर्ड़ कर्मचारी फोरम के सदस्य और पदाधिकारी।सं
चंबा। हिमाचल प्रदेश विद्युत पेंशनर फॉर्म जिला चंबा की बैठक जिला मुख्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान आत्मा राम शर्मा ने की। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि कर्मचारियों को निकालने और छंटनी के बजाय स्टाफ की नियुक्तियां की जाएं। ताकि बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिल सके। बैठक में सचिव नर सिंह रावत और वित्त सचिव जगदीश चंद भी मौजूद रहे। बैठक में विद्युत पेंशनरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
इसमें मुख्य रूप से बोर्ड से पेंशनरों की लंबित पड़े भुगतान पर विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों का कहना है कि छठे वेतन आयोग लागू होने का एरियर, डीए का एरिअर और अर्जित अवकाश का भुगतान सरकार की ओर से नहीं किया जा रहा है। इस बारे में पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। बैठक में प्रधान आत्मा राम ने बताया कि विद्युत बोर्ड में 1980 के दशक में 43 हजार कर्मचारी, छह लाख उपभोक्ता थे, उस वक़्त बोर्ड फायदे में था और कर्मचारियों को बोनस दिया जाता था। जबकि आज 13 हजार कर्मचारी व 30 लाख के करीब उपभोक्ता हैं तो बोर्ड घाटे में है। यह हैरानी भरा तथ्य है। जबकि बोर्ड दिन रात अपनी बिजली बेच रहा है।
लिहाजा वर्तमान में बोनस देना तो दूर की बात है पेंशन और वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा है। सरकार ने बिजली बोर्ड के विघटन के लिए छंटनी का दौर शुरू कर दिया है। इसमें अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के 51 पद ख़त्म कर दिए है। इसके अलावा 81 आउटसोर्स चालकों को अब निकालने की तैयारी सरकार कर रही है। बिजली बोर्ड में हजारों पद खाली चल रह है। सरकार इन पदों को भरने के बजाय कर्मचारियों के पदों को खत्म कर रही है।