चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में एनएमसी के औचक निरीक्षण के समापन के साथ ही 36 डॉक्टरों ने भी अपनी जाने की तैयारी कर ली है। इन डॉक्टरों के लिए 12 से 16 मार्च तक रेस्ट हाउस में रहने की अस्थायी व्यवस्था की गई थी। जैसे ही एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) ने अपना ऑनलाइन औचक निरीक्षण खत्म किया, वैसे ही इन डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और वार्डों में दी जा रही सेवाओं को भी अलविदा कह दिया। अब पहले की तरह ही मेडिकल कॉलेज चंबा में विशेषज्ञों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ेगा। ओपीडी में एक विशेषज्ञ मरीजों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए मौजूद रहेगा।
मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में 90 से अधिक विशेषज्ञों की कमी चल रही है। ऐसे में एनएमसी के समक्ष इन विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने टांडा, शिमला और मंडी से विशेषज्ञों को अस्थायी तौर पर चंबा मेडिकल कॉलेज भेज दिया जो पिछले चार दिन से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और वार्डों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इससे जिले के मरीजों को कुछ हद तक राहत भी मिली थी। साथ में ही मेडिकल कॉलेज में पहले से कार्य कर रहे विशेषज्ञों को भी थोड़ी राहत महसूस हुई थी लेकिन अब एनएमएसी का निरीक्षण खत्म हो चुका है। ऐसे में इन विशेषज्ञों ने भी अपना बोरिया बिस्तर पैक कर लिया है। शुक्रवार को ओपीडी और वार्डों में ये विशेषज्ञ मरीजों को देेखने के लिए नहीं मिलेंगे। प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि एनएमसी के निरीक्षण के लिए सरकार ने इन विशेषज्ञों को चंबा भेजा था। सरकार ने चंबा के लिए नियमित स्टाफ की तैनाती करने की मांग की है।