मक्की की फसल को चट कर गया कीट
कृषि विभाग और अनुसंधान केंद्र की टीम ने किया दौरा
सलूणी और तीसा में किसानों को पहुंचाया काफी नुकसान
विशेषज्ञों ने आईपीएम तकनीक से नियंत्रण का दिया सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत पिछला डियूर और तीसा की ग्राम पंचायत भलोड़ी में फॉल आर्मी वर्म मक्की की फसल को चट कर गया है।
सूचना मिलने के बाद कृषि विभाग चंबा और पर्वतीय कृषि अनुसंधान एवं विस्तार केंद्र सुलकी की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया कि कई किसानों की मक्की की फसलें कीट शत-प्रतिशत नष्ट कर चुके हैं। टीम ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और स्थिति का आकलन किया। संयुक्त टीम ने किसानों को सलाह दी है कि मक्की की फसल बोने के लगभग 30-35 दिन तक लगातार निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक है। यह कीट अनुकूल वातावरण में तेजी से फैलता है और बहु फसली होने के कारण मक्की के साथ-साथ अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचाता है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आर्मी वर्म की मादा एक बार में लगभग 500 अंडे देती है। इनकी संख्या बहुत तेजी से बढ़ती है। इससे प्रकोप अत्यंत घातक हो सकता है। इस अवसर पर किसानों को आईपीएम यानी समेकित कीट प्रबंधन की जानकारी दी जिससे कीट के प्रकोप को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। निरीक्षण में कृषि प्रसार अधिकारी मुन्नी लाल और कृषि वैज्ञानिक नीरज गुलेरिया शामिल रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मक्की की फसल की निगरानी नियमित रूप से करें और किसी भी कीट प्रकोप की स्थिति में तुरंत विभाग को सूचित करें, जिससे समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।