पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी को प्राकृतिक खेती के तहत प्रदेश का पहला रसायन मुक्त उपमंडल बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं।
इसी कड़ी में पांगी के 30 किसानों को मशरूम उत्पादन और फसल कटाई के उपरांत प्रबंधन (पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट) का सात दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया गया।
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ नरेश कुमार नायक ने बताया कि किसानों ने हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में 22 से 28 अगस्त तक प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्हें मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के साथ फसलों के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाना है। प्रशिक्षण प्राप्त किसान स्थानीय स्तर पर मशरूम उत्पादन और कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन को अपनाकर स्वरोजगार के नए अवसर विकसित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पांगी को रसायन मुक्त उपमंडल बनाने के लक्ष्य को लेकर किसानों को लगातार जागरूक और प्रशिक्षित किया जा रहा है।