पांगी में डाक पहुंचाने के लिए ड्रोन का सफल परीक्षण, दो घंटे की राह आठ मिनट में हुई पूरी
दो घंटे की दुर्गम राह आठ मिनट में पार, बर्फबारी से पहले डाक विभाग ने बदली सेवा की चाल
कोठी और बिस्तलूज में सफल परीक्षण के बाद 12 शाखा डाकघरों को ड्रोन से जोड़ने की तैयारी
रिंपी ठाकुर
चंबा। पांगी में बर्फ रास्ते रोक सकती है, लेकिन अब डाक नहीं रुकेगी। दुर्गम पहाड़ियों में सर्दियों के दौरान डाक पहुंचाने की चुनौती से निपटने के लिए डाक विभाग ने जमीन के बजाय आसमान का रास्ता चुना है।
चंबा में पहली बार ड्रोन से डाक पहुंचाने का सफल परीक्षण हुआ। पांगी के कोठी और बिस्तलूज डाकघरों से शुरू हुए इस प्रयोग ने दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवा की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगाई है। पांगी के किलाड़ से ड्रोन उड़ाया गया और कोठी में लोगों के घर की छत पर पहुंचाया। यहां से पोस्ट ऑफिस कोठी में रखा गया। पहले चरण में दो जगह इसकी शुरुआत हुई है। धीरे-धीरे शेष ब्रांच में भी शुरुआत की जाएगी।
परीक्षण के दौरान ड्रोन ने करीब दो घंटे की दूरी महज आठ मिनट में पूरी की। एक उड़ान में करीब आठ किलोग्राम तक डाक भेजी जा सकेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा सर्दियों में होगा, जब भारी बर्फबारी के कारण पांगी की सड़कें और पैदल रास्ते बंद हो जाते हैं। ऐसे समय में डाक कर्मचारियों को लंबी और कठिन दूरी तय करने से राहत मिलेगी और डाक को सीधे गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा।
पांगी में कुल 18 शाखा डाकघर हैं। इनमें 12 को चरणबद्ध तरीके से ड्रोन सेवा से जोड़ने की योजना है। फिलहाल कोठी और बिस्तलूज में सफल परीक्षण के बाद अन्य चिह्नित डाकघरों में सुविधा विस्तार की तैयारी है।
डाक विभाग चंबा के अधीक्षक हरदेव शर्मा ने बताया कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और बर्फबारी के कारण डाक सेवा प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से पांगी में ड्रोन सेवा का परीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षण सफल रहा है और आगे इसका विस्तार किया जाएगा।
पांगी के किलाड़ में डाक लेकर आता ड्रोन : संवाद
पांगी के किलाड़ में डाक लेकर आता ड्रोन : संवाद