चंबा। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति यूनिट जिला चंबा की संयुक्त बैठक लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह चंबा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला समन्वयक डॉ. डीके सोनी ने की। इस दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से उनकी 14 सूत्री मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के सभी 18 पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधि 30 मार्च को शिमला में विधानसभा सचिवालय का घेराव करेंगे।
बैठक में विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों, कॉरपोरेट सेक्टर, शहरी निकायों और विश्वविद्यालयों से जुड़े 18 पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में पेंशनरों से जुड़े लंबित वित्तीय मामलों और अन्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को संशोधित वेतन का एरियर, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, पेंशन कम्यूटेशन और महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें अब तक नहीं मिली हैं। इससे पेंशनरों में भारी रोष है।
उन्होंने बताया कि 5 मार्च 2026 को सुंदरनगर (जिला मंडी) में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया था कि 16 मार्च 2026 को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन और आक्रोश रैलियां आयोजित की जाएंगी, ताकि बजट सत्र के दौरान पेंशनरों की 14 सूत्री मांगों पर सरकार ठोस निर्णय ले।
बैठक में उपस्थित पेंशनर संघों के प्रतिनिधियों ने स्मार्ट मीटर और बढ़ाए जा रहे हाउस टैक्स का भी पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता और पेंशनरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
पेंशनरों ने सरकार से मांग की कि उनकी 14 सूत्री मांगों पर शीघ्र सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लिया जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकार समय पर मिल सकें।
बैठक में बजीर सिंह यादव, अशोक शर्मा, लेख राज ठाकुर, सुरिंदर गुप्ता और राजिंदर लाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।