चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालकों में मांगें पूरी न होने से असंतोष पनप रहा है। एचआरटीसी चालक संघ के सदस्यों ने बताया कि नियमित ड्यूटी के साथ अतिरिक्त समय तक बसें चलाने के बावजूद उन्हें 72 महीनों से ओवरटाइम का भुगतान नहीं हुआ है। सरकार जल्द इसका भुगतान करे।
एचआरटीसी चालक संघ के प्रधान हेम राज, रवि कुमार, अनिल कुमार, ओमकार और दलीप कुमार ने बताया कि कई रूटों पर स्टाफ की कमी के कारण उन्हें अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ती है। कई बार छुट्टियां रद्द हो जाती हैं और पारिवारिक कार्यक्रम भी छूट जाते हैं। इसके बावजूद ओवरटाइम की राशि का भुगतान नहीं हो रहा।
चालकों का कहना है कि जब वे अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटते तो भुगतान में देरी क्यों की जा रही है। चालकों के अनुसार वर्ष 2016 से मिलने वाला करीब 50 हजार रुपये का एरियर भी अब तक जारी नहीं किया गया है, जबकि अन्य विभागों के कर्मचारियों को यह भुगतान पहले ही मिल चुका है। इससे कर्मचारियों में भेदभाव की भावना गहराती जा रही है। उनका कहना है कि एक ही सरकार के अधीन कार्य करने के बावजूद अलग-अलग व्यवहार समझ से परे है।
चालकों ने यह भी बताया कि वेतन अक्सर 8 से 10 तारीख के बीच मिलता है। वेतन में देरी से परिवार का खर्च, बच्चों की फीस और अन्य जरूरी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारी इसे आर्थिक ही नहीं बल्कि मानसिक दबाव का भी कारण बता रहे हैं।
चालकों ने बताया कि बीते वर्ष उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि यदि जल्द बकाया ओवरटाइम और एरियर जारी नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।
चालकों की मांग है कि उनकी वर्षों की मेहनत का हक जल्द से जल्द अदा किया जाए, ताकि वे बिना आर्थिक तनाव के प्रदेश की सड़कों पर अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।