शिमला-चंबा-भरमौर रूट की बस बीच रास्ते हुई खराब, यात्री रहे परेशान
भीषण गर्मी में बस में सवार करीब 30 यात्रियों को झेलनी पड़ीं भारी दिक्कतें
दो घंटे तक सड़क के किनारे खड़े रहे यात्री, देर रात को पहुंची दूसरी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। परिवहन निगम के चंबा डिपो की बसों की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी। शिमला-चंबा-भरमौर रूट पर चलने वाली एचआरटीसी बस अंब के पास अचानक खराब हो गई जिससे बस में सवार करीब 30 यात्रियों को रातभर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और उमस के बीच यात्री घंटों तक सड़क के किनारे बस के ठीक होने का इंतजार करते रहे।
बता दें कि बस अपने निर्धारित रूट पर शिमला से चंबा-भरमौर की ओर आ रही थी। इसी दौरान अंब के समीप बस में तकनीकी खराबी आ गई और बस बीच रास्ते में ही हांफ कर रुक गई। चालक और परिचालक ने बस को ठीक करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। देखते ही देखते रात गहराने लगी और यात्रियों की परेशानी बढ़ती गई। बस खराब होने के बाद यात्रियों को करीब दो घंटे तक सड़क के किनारे इंतजार करना पड़ा। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी। गर्मी और उमस के कारण यात्रियों का हाल बेहाल हो गया। बाद में निगम की ओर से दूसरी बस भेजी गई। इसके पहुंचने के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। घटना के बाद यात्रियों में परिवहन निगम के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली।
यात्रियों में नीलम कुमारी, सरोज देवी, प्रकाश चंद, दलीप कुमार, किशन चंद, पुष्पा देवी ने कहा कि लंबे रूटों पर अक्सर पुरानी और खस्ताहाल बसें भेज दी जाती हैं, जो बीच रास्ते में जवाब दे देती हैं। उनका कहना था कि जब किराया पूरा लिया जाता है तो यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित सफर मिलना चाहिए। इतनी लंबी यात्राओं में बीच रास्ते बस खराब हो जाने से लोगों को घंटों परेशान होना पड़ता है। गर्मी के मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने मांग उठाई कि परिवहन निगम या तो बसों की नियमित और बेहतर मरम्मत सुनिश्चित करे या फिर लंबे रूटों पर नई बसें भेजी जाएं, ताकि यात्रियों को बार-बार इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। वहीं, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि बस में तकनीकी खराबी के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हुई थी। पुरानी बसें के कारण कई बार उनमें तकनीकी खराबी आ जाती है।