पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में बागवानों से बगीचों में खराब सेब भी आर्थिक फायदा देगा। यह सेब बागवानों से एचपीएमसी खरीदेगा।इसके लिए उद्यान विभाग की तरफ से पांगी की 19 पंचायतों के प्रतिनिधियों को सूचित कर दिया गया है।
उनसे कहा गया है कि वे अपने परिक्षेत्र के बागवानों को इस बात की जानकारी दें कि एचपीएमसी बागवानों से बगीचे में खराब हो चुके सेब को खरीेदेगा। इसके लिए बागवानों को अपना खराब सेब किलाड़ मुख्यालय पहुंचाना होगा। यहां उनके सेब की मात्रा के हिसाब से उन्हें भुगतान किया जाएगा। इस बार ओलावृष्टि और मौसम की मार से जिले में सेब की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। बगीचों में पेड़ों में लगे सेब दागी हो गए, जिन्हें उचित दाम नहीं मिल पाया। इसके चलते कई बागवानों ने सेब की फसल को बगीचों से ही नहीं निकाला। बागवानों की इस समस्या का समाधान करने के लिए उद्यान विभाग ने एचपीएमसी से संपर्क कर खराब सेब को खरीदने की व्यवस्था करवाई है।
जनजातीय क्षेत्र पांगी की 19 पंचायतों में सेब की पैदावार होती है। ऐसे में सभी पंचायतों में बागवानों को इस बार खराब फसल के कारण नुकसान हुआ है। ऐसे में एचपीएमसी की ओर से सेब खरीदने से बागवानों को काफी राहत मिलेगी। हालांकि, अच्छी पैदावार से बागवानों को जो फायदा होना था, उसके मुताबिक खराब सेब बेचकर उन्हें वो लाभ नहीं होगा। घाटे में कुछ हद तक मुनाफा होने की उम्मीद है। इसलिए उद्यान विभाग ने बागवानों से अपील की है कि वे अपनी खराब फसल को किलाड़ में पहुंचाएं। विभाग के कार्यवाहक विषय वस्तु विशेषज्ञ नरेश नायक ने बताया कि एचपीएमसी बागवानों से बीमारी से खराब सेब खरीदेगा। इससे बागवानों को आर्थिक फायदा होगा।