होमगार्ड एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सुदेश मोख्टा से मिला।
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गृहरक्षकों को पंचायत चुनावों का दैनिक भत्ता व चुनावों के दौरान दिए जाने वाले राशन भत्ते का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। जिसको लेकर होमगार्ड एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सुदेेश मोख्टा से मिला। होमगार्ड एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव जोगिंद्र सिंह चौहड़िया ने बताया कि पिछले 52 वर्षों से राज्य में जो भी सरकारें रहीं हैं आज दिन तक होमगार्ड संस्था का वार्षिक बजट कभी पूरा नहीं कर पाई। राज्य की सेवा में होमगार्ड के जवान दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 52 वर्षों से होमगार्ड स्थायी रोजगार की मांग करते आ रहे हैं लेकिन राज्य सरकार आश्वासन तो देती है, सत्ता हासिल होने के बाद हर वादे को भूल जाती है। जिससे सरकारें पिछले 52 वर्षों से 8000 होमगार्डों का सरेआम शोषण कर रही हैं। इस बात से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय जो होमगार्ड के हित में हुआ है। उसे एक वर्ष बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार द्वारा लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों को सारी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जो एक सरकारी कर्मचारी को दी जाती हैं। लेकिन राज्य में होमगार्ड को न सरकारी और न ही अर्धसरकारी श्रेणी में लिया गया है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन आखिरकार किसके अधीन है। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गुहार लगाई है कि होमगार्ड कर्मचारियों को स्थायी रोजगार दिया जाए।