चंबा-होली मुख्य मार्ग के ध्वस्त होने का खतरा बढ़ गया है। इस मार्ग पर जरूरत से ज्यादा बोझ पड़ने से मार्ग की दशा और दिशा बदल चुकी है। मार्ग कई हिस्सों में धंस रहा है और सड़क पर गड्ढों की भरमार हो चुकी है। जिससे मार्ग के कभी भी रावी में समा जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
दरअसल, चंबा-होली मार्ग पर निर्माणाधीन बिजली परियोजना का असर साफ देखने को मिल रहा है। इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। होली परियोजना के लिए पहुंचाई गई विशालकाय मशीनें इसी मार्ग से ले जाई गई हैं। गौरतलब है कि होली-चंबा मार्ग को चट्टानें काटकर बनाया गया है। इस मार्ग पर तय भार के अनुसार ही वाहन ले जाने का प्रावधान है। लेकिन परियोजना के निर्माण में जुटी कंपनी ने नियमों की अनदेखी करते हुए भारी मशीनरी को भी इसी मार्ग से निर्धारित स्थल तक पहुंचाया और बाद में मार्ग की दशा सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए।
होली-चंबा मार्ग पर भारी मशीनरी ढोने के इस असर सड़क पर गाड़ी का ज्यादातर झुकाव रावी नदी की तरफ रहता है। ऐसे में नौसिखिए व अनजान चालकों के लिए यह सफर काफी खतरनाक हो चुका है। स्थानीय लोगों रमेश कुमार, सूरज, प्रीतम, प्रकाश चंद, विधि चंद, विलास, सुंदर व नितिन का कहना है कि होली के ज्यादातर लोग कांगड़ा जिला में रहते हैं। वहां से रोजाना कई नए वाहन चालक इस मार्ग पर आते हैं और उनके लिए यह मार्ग खतरनाक साबित हो रहा है।
उन्होंने प्रशासन व लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि होली में निर्माणाधीन कंपनी के खिलाफ मार्ग की हालत बिगाड़ने पर कार्रवाई की जाए। साथ ही दोष साबित होने पर कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो। उधर, होली में निर्माणाधीन बिजली परियोजना प्रबंधन ने कींनाला से डैम साइट तक करीब बीस किलोमीटर लंबे मार्ग की हालत सुधारने को बजट का प्रबंध करने की बात कही थी। लेकिन अभी तक इस बजट का भी कोई इस्तेमाल नहीं हो पाया है।
मामले की जांच करेंगे : प्रशासन
उधर, एसडीएम भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी। लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए जाएंगे कि वे होली-चंबा मार्ग की हालत खराब होने की जांच करें। यदि इस जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए।