इमरजेंसी में कई बार रात को भी करने पड़ते हैं गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन
ऑपरेशन से पहले एचआईवी टेस्ट होता है अनिवार्य, रात में नहीं है सुविधा
महिला एचआईवी संक्रमित हो तो उसे सामान्य वार्ड से रखा जाता है अलग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल कॉलेज में शाम चार बजे के बाद मरीजों के एचआईवी टेस्ट नहीं होते जबकि रात को भी इमरजेंसी में मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं।
गर्भवतियों का प्रसव किसी भी समय करवाना पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए ऑपरेशन से पहले एचआईवी टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है ताकि संक्रमित महिला कोई निकलती है तो उसके बच्चे को इस संक्रमण से बचाने के उपाय किए जा सकें। इतना ही नहीं, ऑपरेशन के बाद ऐसी महिला को सामान्य वार्ड से अलग रखा जाता है। साथ ही डॉक्टर को भी ऑपरेशन के दौरान सावधानी बरतनी पड़ती है लेकिन मेडिकल कॉलेज में शाम के बाद बिना जांच ऑपरेशन करने पड़ रहे हैं। कई बार गर्भवती महिलाएं ऐसे हालात में अस्पताल लाई जाती हैं कि डॉक्टर को टेस्ट करवाने के लिए सुबह होने का इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि उसी दौरान ऑपरेशन करना पड़ जाता है।
मरीजों और डॉक्टरों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर मेडिकल कॉलेज में शाम के बाद भी एचआईवी टेस्ट की सुविधा होना जरूरी है ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में डॉक्टर ऑपरेशन करने से पहले मरीज का टेस्ट करवा सकें। मेडिकल कॉलेज को खुले हुए छह साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक मरीजों को रात में यह टेस्ट करवाने की सुविधा नहीं मिल पाई है। जिले भर से मरीज रात को इमरजेंसी सेवाएं पाने के लिए यहां पहुंचते हैं।
उधर, मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि शाम के बाद अस्पताल में एचआईवी टेस्ट शुरू हो सकें, इस बाबत प्रबंधन से चर्चा कर उचित कदम उठाए जाएंगे।