चंबा। सदियों पुरानी ऐतिहासिक मणिमहेश डल न्हौण की छड़ी यात्रा धार्मिक आस्था और परंपरा के साथ शुरू हो गई है। 19 सितंबर को पवित्र डल न्हौण होगा।
कुटिया सिद्ध बाबा चरपट नाथ की ओर से आयोजित यात्रा में मणिमहेश मंदिर का झंडा, पवित्र चिह्न और छड़ी लेकर श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ 14 सितंबर को कुटिया से राधाकृष्ण मंदिर जुलाहकड़ी के लिए प्रस्थान के साथ हुआ। इसके बाद छड़ी भरमौर के लिए रवाना होगी। इस दौरान लखना माई मंदिर और जोग जात्र की परंपरा निभाई जाएगी।
16 सितंबर को यात्रा हड़सर के लिए रवाना होगी। 17 सितंबर को धन्छौ होते हुए भैंरों घाटी (शिव परोल) पहुंचकर विश्राम किया जाएगा। 18 सितंबर को सुबह चार बजे पवित्र डल के लिए प्रस्थान होगा। 19 सितंबर को दोपहर शिव चेलों की ओर से डल तोड़ने की धार्मिक परंपरा निभाई जाएगी। राधाष्टमी पर्व पर सुबह चार बजे पवित्र स्नान के बाद शाम को वापसी शुरू होगी। कुटिया चंबा की वापसी नवरात्रों में होगी। धार्मिक मान्यता है कि पवित्र डल में स्नान करने से चौरासी लाख योनियों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। संवाद