नाडू नाले में आए भारी जलप्रवाह के कारण मलबा और बड़े पत्थर बहकर घोल्टी पहुंचे। इससे 20 मकानों के मुख्य द्वार तक मलबा जमा हो गया और दो मकानों को नुकसान पहुंचा। नाडू और सेई में एक-एक मकान और मोहरी में तीन गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 20 बीघा उपजाऊ भूमि भी नष्ट हो गई। बालू नए पुल के साथ स्थित कुणी नामक स्थान पर बन्नू पहाड़ से आए मलबे के कारण दो मकानों के लेंटर तक मलबा भर गया, जबकि उनके आंगन कीचड़ से लबालब भर गए।
उधर, घटोला नाला में अचानक आए जलप्रवाह और मलबे से 40 मकान, आठ दुकानें, तीन गाड़ियां और पांच बाइकें मलबे में दब गईं। वहीं, एक स्कूटी बह गई। इसके अलावा मत्स्य पालन विभाग का कार्यालय, कॉलेज परिसर तथा लोगों के घरों के आंगन भी पानी और कीचड़ से लबालब भर गए। ओबड़ी में भी दो मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा उदयपुर पंचायत के तड़ोली में तड़ोली नाले में भारी जलप्रवाह और मलबा आने से 10 मकानों, तीन दुकानों और एक गोदाम को नुकसान पहुंचा। इस दौरान कई परिवारों ने पूरी रात खुले आसमान के नीचे या पड़ोसियों के घरों में शरण लेकर बिताई।
रात करीब 12 बजे तक हल्की बूंदाबांदी हो रही थी और अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक तेज बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते चारों नालों में उफान आ गया। पानी और मलबे के तेज बहाव की आवाज से लोगों की नींद खुली। जैसे-जैसे पानी का बहाव बढ़ता गया, लोगों ने एहतियातन घरों को छोड़ना शुरू कर दिया। कई परिवार जरूरी सामान भी नहीं निकाल सके और पड़ोसियों के घरों या सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। पूरी रात लोग दहशत में जागते रहे। बाहर घुप अंधेरा होने के कारण लोग मोबाइल की रोशनी में हालात का अंदाजा लगाने की कोशिश करते रहे लेकिन नुकसान का वास्तविक दृश्य सुबह उजाला होने पर सामने आया।
इस दौरान लोगों ने देखा कि सड़क के किनारे खड़ी कारें, बाइक और ट्रक मलबे में दबे पड़े हैं। कई वाहनों की पहचान केवल उनकी नंबर प्लेट से हो सकी। घरों के आंगन और कमरों तक मलबा पहुंच चुका था, जबकि कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर मकानों के पास आ गिरे। लोग सुबह से ही घरों और सड़कों से मलबा हटाने में जुट गए। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को फौरी राहत के तौर पर 50-50 हजार रुपये जारी किए हैं। मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया। दोपहर बाद सदर विधायक नीरज नैयर ने भी मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि भारी बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने और मलबा आने से इन तीनों क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हुआ है।