चंबा-भरमौर मार्ग पर खड़ामुख में सड़क धंसने के बाद लोगों की इस समस्या का हल निकलता नजर आ रहा है। प्रशासन ने इस आपदा के लिए परियोजना के डैम को जिम्मेवार ठहराते हुए परियोजना प्रबंधन को जलाशय प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा दीवार का निर्माण करने के आदेश दिए थे।
इसके लिए प्रशासन ने परियोजना को 22 दिसंबर तक का समय दिया था। इस पर परियोजना प्रबंधन ने प्रशासन से राहत कार्य शुरू करने से पहले थोड़े और समय की मोहलत मांगी है, ताकि निर्माण कार्य का पूरा खाका तैयार किया जा सके।
कुछ समय से चंबा-भरमौर मार्ग पर बनी परियोजना के जलाशय से सड़क धंसने का सिलसिला जारी है। इससे रिहायशी क्षेत्रों को भी खतरा पैदा हो गया है।
नियमानुसार परियोजना प्रबंधन को जलाशय में जलभराव करने से पहले जलाशय के साथ लगती भूमि का कटाव रोकने के लिए जल रोधी सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाना चाहिए था।
सुरक्षा दीवार न होने से जलाशय के साथ लगते चंबा-भरमौर मार्ग की नींव दरकने लग पड़ी है। इसका उदाहरण खड़ामुख में मिल चुका है। लिहाजा प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद परियोजना प्रबंधन हरकत में आता दिख रहा है। ऐसे में अब शीघ्र ही परियोजना के जलाशय के साथ के लगते चंबा-भरमौर मार्ग के सुरक्षित भविष्य की आशा जगने लगी है।
उपायुक्त एम सुधा देवी ने बताया इस बारे में परियोजना प्रबंधन से बातचीत हुई है। परियोजना प्रबंधन ने कुछ समय जरूर मांगा है, लेकिन शीघ्र ही जलाशय के साथ लगते पूरे मार्ग को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाया जाएगा।