पांगी घाटी में दो सड़कें भी अवरुद्ध, निचले क्षेत्रों में बारिश से मिली राहत
ऊंची चोटियों पर गिरी बर्फ, प्रशासन की अपील - नदी-नालों से दूर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को फिर से हिमपात का दौर शुरू हो गया। दोपहर बाद बदले मौसम उपमंडल की ऊपरी चोटियों काली छौ, मणिमहेश, चौबिया, कुगती में 7 से 8 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई।
निचले क्षेत्रों में बारिश जारी रही। बारिश के चलते 60 ट्रांसफार्मर बंद होने के चलते तीन सौ गांवों में अंधेरा पसर गया है। जिला मुख्यालय में भी जमकर बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
बारिश के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। बाजारों में रौनक कम रही। जिले में सलूणी और पांगी में दो मार्ग बंद हो गए हैं। विद्युत बोर्ड ने ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मौके पर टीमें जुटी हैं। बताया जा रहा है कि शाम तक अधिकतर ट्रांसफार्मरों को बहाल कर दिया जाएगा। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि बारिश और बर्फबारी के बाद व्यवस्था को बहाल किया जा रहा है। सभी उप मंडल अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 6 अप्रैल तक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने मौसम के बदलते तेवर को ध्यान में रखते हुए बेवजह नदी-नालों की ओर न जाने की हिदायत दी है।
बागवानों की चिंता बढ़ी, किसान गदगद
मौसम का मिजाज बदलने से बागवानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। बागवानों की मानें तो इस दौरान फ्लावरिंग का समय है। ऐसे में बारिश, हवा और ओलावृष्टि से पैदावार पर विपरीत असर पड़ेगा। किसान इस बारिश से गदगद हैं। इस बारिश से गेहूं की फसल को संजीवनी मिली है। गौरतलब है कि इस बार देरी से गेहूं की बिजाई हुई है। बारिश न होने के चलते फसल समय पर नहीं बोई जा सकी। बहरहाल, अब बारिश होने से किसानों में खुशी है।