अब लोगों को फिर से मिल सकेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
सरकार ने की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती
बच्चों और गर्भवतियों को टीकाकरण के लिए नहीं जाना पड़ेगा चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। स्वास्थ्य उपकेंद्र भाला में दस साल से लटका ताला आखिरकार खुल गया। सरकार ने यहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में नैंसी की तैनाती कर दी है। अब उपकेंद्र में मिलने वाली सभी स्वास्थ्य सेवाएं दो पंचायतों के लोगों को उपलब्ध हो सकेंगी। पहले सिर्फ महीने में एक बार ही उपकेंद्र के ताले खुलते थे, जब यहां पर टीकाकरण शिविर लगाना होता था। अब रोजाना लोग स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने के लिए यहां जा सकते हैं। सबसे ज्यादा फायदा क्षेत्र के बच्चों और गर्भवतियों को होगा, जिन्हें टीकाकरण के लिए चंबा की दौड़ लगानी पड़ती थी। लंबे समय से लोग यहां पर सीएचओ की तैनाती की मांग कर रहे थे जो अब पूरी हो चुकी है। स्थानीय लोगों सुभाष कुमार, मनु कुमार, सुरेंद्र, रंजीत कुमार, मनोज कुमार, दिनेश कुमार, संजीव और रवि कुमार ने बताया कि वर्ष 2016 में उपकेंद्र में तैनात सीएचओ सेवानिवृत्त हो गईं। उनके स्थान पर किसी दूसरे की तैनाती नहीं हुई। इसके चलते लाखों रुपये से बना भवन सिर्फ सफेद हाथी बनकर रह गया। अब फिर से वहां पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। ग्राम पंचायत गुवाड़ और सराहन के दर्जनों गांव इस उपकेंद्र पर स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर रहते हैं। लोग सरकार से यह भी मांग कर रहे हैं कि इसका दर्जा बढ़ाकर स्वास्थ्य केंद्र किया जाए ताकि लोगों को चिकित्सीय परामर्श भी मिल सके। फिलहाल, सीएचओ की तैनाती के लिए लोगों ने सरकार और विभाग का आभार प्रकट किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि उनके ध्यान में जैसे ही उपकेंद्र के बंद होने की बात लाई गई तो उन्होंने सरकार से चर्चा करके इसमें सीएचओ की तैनाती करने की व्यवस्था की। अब वहां पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं रूटीन में मिलेंगी।