चोटिल या बीमार मरीज को 50 किलोमीटर दूर चंबा में मिलता है उपचार
2007 से पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड करने की उठती आ रही मांग
सीएचसी के लिए निर्धारित समस्त मापदंड पीएचसी तेलका कर रही पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (सालवां)। विकास खंड सलूणी की पंचायत मौड़ा, सालवां, भजौत्रा, बाड़का, गुवालू, करवाल, सेरी, दरेकड़ी, लिग्गा, मांझली, नड़्डल, सियुला और लदवाह की 30 हजार की आबादी को तेलका में रात्रि स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं।
चोटिल या अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए 50 किलोमीटर का सफर तय कर मेडिकल कॉलेज चंबा आना पड़ रहा है। वर्ष 2007 से ग्रामीण तेलका पीएचसी को अपडेट कर सीएचसी बनाने को लेकर जद्दोजहद कर रहे हैं। वर्ष 2020 में सीएचसी को लेकर समस्त औपचारिकताएं पीएचसी पूरी कर सीएमओ को प्रस्ताव भेजा गया। राजनेताओं के समक्ष भी यह मांग रखी गई। बावजूद इसके अभी तक पीएचसी को अपडेट कर सीएचसी नहीं किया जा सका है। नतीजतन, क्षेत्र के ग्रामीणों को रात्रि सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
रविंद्र कुमार, किशन चंद, जगदेव, मनोज कुमार, अब्दुल फारूख, जावेद खान और प्रेम लाल ने बताया कि क्षेत्र की 15 पंचायतों का केंद्र तेलका में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही है। रात के समय किसी के बीमार हो जाने या चोटिल हो जाने की सूरत में घायल को उठाकर 50 किलोमीटर दूरस्थ स्थित मेडिकल कॉलेज में ही उपचार नसीब हो पाता है। अब तक 12 के करीब चोटिल और गर्भवती महिलाएं समय पर उपचार न मिलने से जान गंवा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेलका को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विस्तार करते हुए यहां स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाए जाने से क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन परिवारों को काफी सहूलियत मिलेगी।
उधर, सीएमओ डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। बीएमओ की ओर से यदि लिखित में उनके पास प्रस्ताव आता है तो उसे सरकार को भेजा जाएगा। सरकार की ओर से ही पीएचसी का दर्जा बढ़ाया जा सकता है।