दो सालों में रिक्त पड़े 143 लैब तकनीशियनों के पदों पर नहीं की गई कोई भर्ती
किसी भी बीमारी का सटीक इलाज करने के लिए लैब में टेस्ट करवाना जरूरी
लैब तकनीशियन के बिना लैबों में नहीं किए जा सकते मरीजों के टेस्ट, दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। आकांक्षी जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में पिछले दो सालों में लैब तकनीशियनों की कोई भी नई भर्ती नहीं हुई है। सात स्वास्थ्य खंडों में कहने के लिए 164 पद लैब तकनीशियनों के स्वीकृत हैं लेकिन इनमें 143 पद दो साल से खाली हैं।
मात्र 21 पदों पर लैब तकनीशियन सेवाएं दे रहे हैं। तकनीशियन स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों के इलाज में डॉक्टर के समान अहम भूमिका निभाते हैं। डॉक्टर मरीज की बीमारी का पता लगाने के लिए जो भी टेस्ट लिखता है, उसे लैब तकनीशियन की अपनी लैबों में करते हैं। उसके नतीजों के अनुसार डॉक्टर मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दवाई लिखते हैं। ऐसे में आकांक्षी जिले में इन तकनीशियनों की भर्ती होना काफी जरूरी है। स्वास्थ्य खंड पुखरी में लैब तकनीशियन के 114 पद स्वीकृत हैं, इसमें 14 भरे हैं और 100 खाली हैं। इसी प्रकार से स्वास्थ्य खंड तीसा में दस, समोट में 12, किहार में आठ, चूड़ी में तीन, भरमौर में सात और किलाड़ में पांच पद खाली हैं।
लोगों में विनोद कुमार, गुरमीत नागपाल, जय सिंह, संजय शर्मा, राज सिंह ठाकुर, किशोर, दीपक शर्मा और बीर सिंह ने बताया कि आकांक्षी जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होनी चाहिए। इस दिशा में न तो प्रदेश सरकार गंभीरता दिखा रही है और न ही केंद्र की तरफ से कुछ खासा दिलचस्पी देखने को मिल रही है। यही वजह है कि पिछले दो सालों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लैब तकनीशियनों के जो पद खाली पड़े थे। वे आज भी नहीं भरे जा सके हैं। मेडिकल कॉलेज में सरकार आउट सोर्स के आधार पर कुछ पदों पर लैब तकनीशियन नियुक्त कर रही है लेकिन स्थायी भर्ती करने को लेकर सरकार की दिलचस्पी कम ही नजर आ रही है। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि लैब तकनीशियनों के रिक्त पदों के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया है। जल्द ही इन पदों पर भर्ती होने की उम्मीद है।