मेडिकल कॉलेज चंबा की महिला रोग विशेषज्ञ ओपीडी में महिला मरीज को चेक करता प्रशिक्षु डॉक्टर।संवाद
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चंबा। दिन: शनिवार। स्थान: चंबा मेडिकल कॉलेज। समय: सुबह 10:00 बजे। महिला रोग ओपीडी में प्रशिक्षु डॉक्टर (इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस छात्र) महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। महिला विशेषज्ञ की कुर्सी खाली पड़ी है।
गंभीर बीमारी से पीड़ित महिलाओं को अपनी जांच करवाने के लिए विशेषज्ञ या मेडिकल अफसर के आने का इंतजार करना पड़ रहा है। महिलाएं ओपीडी के बाहर परेशान बैठी हैं। 10:30 बजे हड्डी रोग ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी हैं। छोटे बच्चों की किसी की बाजू तो किसी की टांग की हड्डी टूटी है। अभिभावक उनके इलाज के लिए वहां इंतजार कर रहे हैं।
एक विशेषज्ञ ओपीडी में इन मरीजों की जांच कर रहा है। पट्टी कक्ष में टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए प्लास्टर चढ़ाया जा रहा है। इसके लिए कॉटन रोल मरीजों से मंगवाया जा रहा है। मरीज 200 से 300 रुपये खर्च करके कॉटन रोल को निजी दवाई की दुकान से खरीद कर ला रहे हैं। 11:00 बजे शिशु रोग ओपीडी के बाहर परिजन बच्चों के इलाज के लिए कतार में लगे हैं। आलम यह है कि ओपीडी में केवल एक विशेषज्ञ बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रहा है। यही हालात मेडिसन ओपीडी के बाहर हैं। यहां एक मेडिसन विशेषज्ञ की ओपीडी बंद है और दूसरी ओपीडी में एक ही विशेषज्ञ मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर रहा है। 11:30 बजे शुल्क काउंटर पर भी मरीजों को कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होने से ओपीडी में सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। चिकित्सकों की तैनाती करने के लिए सरकार से मांग की गई है। जल्द चंबा में चिकित्सकों की तैनाती होने की उम्मीद है।