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चंबा में स्क्रब टायफस से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 30, विभाग अलर्ट

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चंबा। पिछले सात दिनों में चंबा में स्क्रब टायफस के 11 नए मामले दर्ज हुए हैं। पहले चंबा में स्क्रब टायफस के मरीजों का आंकड़ा 19 था जो अब 30 हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में घास काटने का सीजन शुरू होने से स्क्रब टायफस के मरीजों में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। मौजूदा समय में चंबा मेडिकल कॉलेज में तीन मरीज स्क्रब टायफस से ग्रसित हैं। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्क्रब टायफस के मरीज भर्ती हुए हैं। स्क्रब टायफस के मरीज तेजी से बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रब टायफस की जांच किट के साथ सभी जरूरी दवाइयां मुहैया करवा दी गई हैं। साथ ही ग्रामीणों को स्क्रब टायफस के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों घास काटने का कार्य जोरों पर चला हुआ है। ग्रामीण अपने मवेशियों के चारे के लिए सर्दियों का घास का कोटा जमा करने में लगे हैं। घास में एक विशेष प्रकार का पिस्सू पलता है। जिससे स्क्रब टायफस जैसी बीमारी हो सकती है। ग्रामीण घास काटते समय सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते। नंगे हाथों दराटी से घास काटते रहते हैं। उसी दौरान घास में पलने वाला पिस्सू ग्रामीणों को काट लेता है जिससे उन्हें तेज बुखार हो जाता है। इसके साथ ही सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द और शरीर में कमजोरी भी आने लगती है। जो स्क्रब टायफस के लक्षण हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि चंबा में स्क्रब टायफस के 30 मामले दर्ज हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में तीन मरीज स्क्रब टायफस से ग्रसित हैं। जिनका इलाज चला हुआ है। अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी स्क्रब टायफस के मामले दर्ज हुए हैं।
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स्क्रब टायफस से रोकथाम के उपाय
बुखार कैसा भी हो, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर विशेषज्ञ से परामर्श लें। शरीर की सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर तथा आसपास के वातारण को साफ रखें। घर के चारों ओर घास व खरपतवार न उगने दें। घर के अंदर और आसपास कीटनाशक का छिड़काव करें।
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