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Chamba News: बीपी और शुगर की दवाई के लिए खर्च करने पड़ रहे 2500 रूपये

Wed, 01 May 2024 10:58 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चुवाड़ी (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र भटियात के सिविल अस्पताल चुवाड़ी में शुगर, बीपी, गठिया और यूरीकेस्ट दवाइयां नहीं पहुंच रही हैं। पिछले एक सालों से इन दवाइयों की सप्लाई अस्पताल में नहीं पहुंची है।
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इस कारण मरीजों को मजबूरन बाजार से महंगे दाम पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। हैरानी की बात है कि मरीजों की समस्याओं से अस्पताल प्रबंधन भी पूरी तरह से वाकिफ है, बावजूद इसके उसके राहत देने के लिए कोई पहल करना जरूरी नहीं समझा जा रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी शुगर, बीपी, गठिया, यूरीकेस्ट की दवाइयों की खेप खत्म होने के बारे में अवगत करवाया है, मगर अभी तक सप्लाई नहीं पहुंची है। ऐसे में मरीजों को निजी दुकानों से 2000 से 2500 रुपये खर्च कर दवाइयां लेनी पड़ रही हैं। सिविल अस्पताल चुवाड़ी पर क्षेत्र की 72 पंचायतों की डेढ़ लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है। दवाईयां ही न होने से मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।

कहने को तो चुवाड़ी सिविल अस्पताल है, लेकिन एक साल से अस्पताल में शुगर, बीपी, गठिया, यूरीकेस्ट की दवाइयां नहीं हैं। दूसरी कोई व्यवस्था न होने से उन्हें मजबूरन जेबें ढीली करनी पड़ रही है। प्रबंधन दवाइयों को लेकर गंभीरता दिखाता नजर नहीं आ रहा है। - धर्मचंद
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बीपी, शूगर जैसी बीमारी से जूझ रहा हूं। दवाई लेने के लिए अस्पताल पहुंचने पर यह कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है कि यह दवाइयां खत्म हैं। बाजार से खरीद लें। मजबूरन महंगे दाम पर निजी दुकानों से दवाई लेनी पड़ती है। - गोपी राम

शुगर, बीपी, गठिया, यूरीकेस्ट की दवाई अस्पताल में न मिलने से उन्हें दुकानों में 2000 से 2500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। एक साल यह समस्या चल रही है। इससे उनकी दिक्कतें काफी बढ़ चुकी हैं। - उत्तम चंद

परिजन को शुगर की बीमारी है। इसलिए अकसर बीमारी के इलाज के लिए आते है, लेकिन हमेशा शुगर की दवाइयां नहीं होने की बात ही कही जाती है। इस वजह से बाजार की दुकानों से दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। - केवल

बीएमओ चुवाड़ी डॉ. मोहन सिंह का कहना है कि कुछ दिन पहले दवाइयों की सप्लाई कम आई थी। यह खत्म हो चुकी है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को दवाइयों की डिमांड भेजी है।
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