मणिमहेश में ढाबा चालकों से उगाही करने वाली हड़सर पंचायत के खिलाफ प्रशासन ने जांच बैठा दी है। प्रशासन ने पिछले दो सालों के दौरान हड़सर पंचायत की परिधि में मणिमहेश यात्रा के दौरान लगने वाले ढाबों से वसूल की गई रकम का हिसाब मांगा है।
हिसाब मिलने के बाद प्रशासन ट्रस्ट की ओर से वसूली पर हिस्से की मांग कर सकता है। पंचायत को जल्द से जल्द पूरा रिकॉर्ड एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान हड़सर पंचायत की परिधि में ढाबे या दूसरे व्यापारिक प्रतिष्ठान लगाने वालों से पंचायत वसूली करती रही है। यह सिलसिला ट्रस्ट के गठन के बाद पिछले दो सालों में भी चलता रहा लेकिन इस बार प्रशासन ने हड़सर पंचायत की वसूली पर रोक लगा दी है। पंचायत हिसाब के दौरान दो साल की कमाई का भी खुलासा करेगी।
गौरतलब है कि यात्रियों के लिए भंडारे मणिमहेश यात्रा के दौरान ही शुरू होते हैं। जबकि मणिमहेश के लिए लोग यात्रा से काफी पहल आवाजाही शुरू कर देते हैं। इस दौरान उनके लिए मार्ग में ढाबा चालक ही सभी जरूरतें पूरी करते रहे हैं और यह ढाबा चालक प्रशासन से किसी तरह की इजाजत नहीं लेते हैं इन्हें सिर्फ हड़सर पंचायत ही इजाजत देती रही है। ट्रस्ट के गठन के बाद प्रशासन ने अब इस सिलसले को खत्म करने का प्रयास शुरू कर दिया है।
ट्रस्ट तय करेगा यात्रा के सभी नियम : एसडीएम
एसडीएम भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि हड़सर पंचायत को दो साल का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा। मणिमहेश यात्रा के लिए प्रशासन की अनुमति से ही सभी तरह के भंडारे, लंगर या फिर ढाबे शुरू होंगे। पंचायत को इस तरह का कोई अधिकार नहीं दिया गया है। मणिमहेश यात्रा के लिए सभी तरह नियम ट्रस्ट की तय करेगा।
प्रशासन ने जारी की मणिमहेेश यात्रियों को चेतावनी
प्रशासन ने समय से पूर्व मणिमहेश यात्रा पर जाने वालों को चेतावनी जारी की है। जिसमें यात्रियों को पहले प्रशासन की इजाजत लेनी होगी। एसडीएम भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि मार्ग की हालत दुरुस्त नहीं हुई है और न ही ग्लेशियर में हालात पैदल चलने लायक हैं। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर मणिमहेश की ओर न जाएं। उन्होंने भरमौर तक आने वाले सभी लोगों से आह्वान किया है कि वे आगे की यात्रा पर जाने स पूर्व प्रशासन की राय जरूर लें।