चंबा में 95 हजार किसानों में सिर्फ आठ हजार ने करवाया फसल बीमा, सिहुंता, कामला और समोट में 90 फीसदी धान बर्बाद
नुकसान होने के बाद मुआवजे की आस, योजना की जानकारी के लिए भटक रहे जिले के किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। खेतों में लहलहाती धान की फसल से अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे किसानों पर ओलावृष्टि ने कहर बरपा दिया। सिहुंता, कामला और समोट में करीब 90 फीसदी धान की फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
अब प्रभावित किसान नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग उठा रहे हैं, लेकिन जिले में फसल बीमा की तस्वीर भी चिंता बढ़ाने वाली है। करीब 95 हजार किसानों वाले चंबा जिले में महज आठ हजार किसानों ने ही फसल का बीमा करवाया है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बाद बीमा सुरक्षा से बाहर हैं।
फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को योजना की अहमियत का एहसास हो रहा है, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें बीमा करवाने की प्रक्रिया और इसके लाभों की पर्याप्त जानकारी ही नहीं मिली। किसानों के अनुसार, गांवों में जागरूकता शिविर नहीं लगाए गए। कृषि विभाग के कई उपकेंद्रों में अधिकारियों की तैनाती न होने से भी योजनाओं की जानकारी जुटाने में परेशानी होती है। समय रहते जानकारी मिलती तो किसान बीमा करवाने पर विचार कर सकते थे।
किसान कुलभूषण उपमन्यु, कुलदीप कुमार, केवल कुमार, अशोक कुमार, ओंकार चौहान और किशन धीमान ने कृषि विभाग से गांवों में जागरूकता शिविर लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को बीमा करवाने की प्रक्रिया, अंतिम तिथि और योजना के लाभों के बारे में बताया जाना चाहिए। कृषि उपकेंद्रों के माध्यम से भी नियमित जानकारी उपलब्ध करवाई जाए, ताकि भविष्य में अधिक किसान योजना से जुड़ सकें।
ब्लॉक स्तर पर किसानों को करेंगे जागरूक
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर किसानों को फसल बीमा योजना की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। किसान अधिक जानकारी के लिए कृषि उपनिदेशक कार्यालय चंबा या संबंधित बीमा कंपनियों के जिला प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रतिनिधि मुकेश कुमार से मोबाइल नंबर 98166-27278 पर संपर्क किया जा सकता है।