अध्यक्ष बोले- अपनी नाकामी छिपाने के लिए पशुपालकों के अधिकारों का हनन नहीं कर सकती पुलिस
कहा- बिना पर्याप्त साक्ष्य पशुपालकों के चराई परमिट रद्द किए तो गुज्जर कल्याण सभा करेगी आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला कारागार राजपुरा से भागे कैदी प्रकरण में पशुपालकों के चराई परमिट रद्द करने की सिफारिश का गुज्जर कल्याण सभा ने विरोध किया है। जिला गुज्जर कल्याण सभा के अध्यक्ष हसन दीन ने कहा कि।
कहा कि पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए पशुपालकों के अधिकारों का हनन नहीं कर सकती। यदि पुलिस के पास किसी व्यक्ति के खिलाफ ठोस सबूत हैं तो दोषियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। केवल शक के आधार पर किसी निर्दोष और गरीब पशुपालक परिवार की आजीविका छीनने का प्रयास न्याय संगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि बिना पर्याप्त साक्ष्यों के पशुपालकों के चराई परमिट रद्द किए गए तो गुज्जर कल्याण सभा पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी। हसन दीन ने स्पष्ट किया कि सभा का कैदी इब्राहिम या उसकी सहायता करने वाले किसी भी व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। न ही सभा किसी प्रकार की मदद या समर्थन की पक्षधर है। उसकी आड़ में किसी निर्दोष व्यक्ति या परिवार का उत्पीड़न और शोषण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने वन विभाग से भी आग्रह किया कि बिना किसी ठोस और प्रमाणित साक्ष्य के किसी भी पशुपालक का चराई परमिट रद्द न किया जाए। इस मामले में निष्पक्ष और न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए।