पुलिस ने वन विभाग को पत्र लिखकर परमिट रद्द करने की सिफारिश
आरोप, कैदी की मदद करने के साथ कुछ लोग कर सकते हैं गैर कानूनी गतिविधि
एक साल से चकमा देकर भाग गया था नाबालिग से दुष्कर्म करने का आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला कारागार से भागे विचाराधीन कैदी की मदद करने वाले 14 लोगों के धारों में पशुओं को चराने के परमिट रद्द हो सकते हैं।
पुलिस ने वन विभाग को चिट्ठी लिखकर उनके परमिट रद्द करने की सिफारिश की है। इसमें हवाला दिया है कि ये लोग जेल से भागे कैदी को छिपने में मदद कर रहे हैं। इस कारण पुलिस को उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। पुलिस का यह भी तर्क है कि यदि ये लोग एक भागे कैदी की मदद कर सकते हैं तो धारों में अन्य गैर कानूनी गतिविधियों को भी अंजाम दे सकते हैं। इसलिए इन लोगों के परमिट रद्द होने चाहिए। वन विभाग ने पुलिस का पत्र मिलते ही जांच शुरू कर दी है। संबंधित लोगों के परमिट की जांच की जा रही है।
अपनी रिश्तेदार नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में इब्राहिम निवासी गाडरी डाकघर बरौर गिरफ्तार किया गया था। जिला कारावास में विचाराधीन अन्य कैदियों के साथ उसे भी रखा था। 27 मई 2025 को वह ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों को चकमा देकर जेल से भाग गया। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने हर संभव प्रयास किए। आरोप है कि भागने के बाद उसने दो बार पीड़ित के घर जाकर परिजनों को धमकी दी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ लोग उसकी मदद कर रहे हैं। पुलिस उसे पकड़ने जाती है तो वे लोग उसे सूचना देकर भगा देते हैं। यही वजह है कि पुलिस ने उन लोगों के चरांद परमिट रद्द करने की सिफारिश की है।
उधर, डीएफओ कृतज्ञ कुमार ने बताया कि पुलिस पुलिस का पत्र उन्हें मिला है। संबंधित लोगों के परमिट की जांच की जा रही है। जल्द ही इसमें उचित कार्रवाल्की अमल में लाई जाएगी।