इस वित्तीय वर्ष में बजट की व्यवस्था न होना माना जा रहा लंबित आवेदनों का कारण
योजना के तहत 31 हजार रुपये की राशि बेटी को शादी के बाद देने का है प्रावधान
पूर्व भाजपा सरकार ने शुरू की थी यह योजना, बजट के अभाव में नहीं मिल रहा लाभ
पंकज सलारिया, संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में प्रदेश सरकार की शगुन योजना की रफ्तार धीमी पड़ने से सैकड़ों पात्र बेटियां आर्थिक सहायता से वंचित हैं। जिले की करीब 550 बेटियों को विवाह के बाद मिलने वाली 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिल पाई है। इसके चलते लाभार्थी परिवार लंबे समय से सरकार की ओर से राशि जारी किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि प्रदेश भर में सैकड़ों आवेदन वर्तमान में लंबित हैं। इस वित्तीय वर्ष के तहत सरकार की ओर से बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। शगुन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को विवाह के अवसर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को शादी के बाद 31 हजार रुपये की शगुन राशि देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि जिले में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित होने से योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। यह योजना पूर्व सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई थी और शुरुआती दौर में पात्र परिवारों को समय पर लाभ भी मिल रहा था लेकिन वर्तमान में योजना के क्रियान्वयन की गति धीमी पड़ गई है। इस कारण कई ऐसे परिवार हैं जिनकी बेटियों की शादी को महीनों बीत चुके हैं लेकिन उनके खातों में अब तक शगुन राशि नहीं पहुंची है। लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ने से लाभार्थियों में निराशा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कमल किशोर शर्मा ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। इसके चलते मामले लंबित है। कहा कि बजट की व्यवस्था होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।