बकलोह में होली पर्व के अवसर पर महिला को रंग लगाता बुजुर्ग।
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चंबा। हिंदू धर्म में पूर्ण आस्था रखने वाले बकलोह के गोरखाली समाज के लोगों का पांच दिवसीय होली पर्व वीरवार को शुरू हो गया है। पर्व मनाने के लिए लोगों ने दो दिन पहले से ही तैैयारियां शुरू कर दी हैं। सुबह से ही घर के बड़े बुजुर्ग अपने घरों के देवी-देवताओ और कुल देवी की पूजा करने के बाद देवी-देवताओं को गुलाल की टीका लगाते हैं। इसके बाद घर में तैयार किया गया मिष्ठानों का भोग लगा कर इस पर्व का आगाज होता है।
इस दौरान संगे-संबंधी लोगों के घरों में आते हैं। इस दौरान घर का मुखिया उनके माथे पर हरा, पीला और नीले रंग का टीका लगा कर उन्हें आशीर्वाद देता है। इस दौरान घर में बने मिष्ठान संगे-संबंधियों को परोसे जाते हैं। वरिष्ठ नागरिक कैप्टन पूर्ण सिंह ने बताया कि यह त्योहार पांच दिन तक चलता है। बताया कि त्योहार के अंतिम पांचवें दिन रात के समय होलिका दहन के बाद दूसरे दिन सभी के घरों में जाकर नाच-गाना करके होली की बधाई दी जाती है।
इसी शाम घरों में रखे गुलाल को पानी में प्रवाहित कर दिया जाता है, जिसके बाद सभी रिश्तेदार अपने-अपने घरों को लौट जाते हैं।