प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत प्रशिक्षण के लिए करें आवेदन
30 सीटें निर्धारित, प्रशिक्षुओं को प्रतिमाह 2,000 रुपये छात्रवृत्ति भी मिलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत रोजगारपरक प्रशिक्षण का बेहतर अवसर मिलेगा।
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष वर्ग निदेशालय शिमला के निर्देशानुसार हिपा-नाइलिट प्रशिक्षण संस्थान बालू में अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क कौशल विकास पाठ्यक्रम संचालित होंगे। योजना के तहत 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनकी संख्या विभागीय बजट और प्राप्त आवेदनों के अनुसार घट-बढ़ सकती है। प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों की न्यूनतम 85 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। पात्र प्रशिक्षुओं को प्रतिमाह 2,000 रुपये छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।
योजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी की अवधारणाएं (अवधि तीन माह, प्रतिदिन दो घंटे) और कार्यालय स्वचालन, लेखांकन एवं प्रकाशन सहायक (अवधि तीन माह, प्रतिदिन चार घंटे) रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। कृत्रिम बुद्धिमता पाठ्यक्रम के लिए किसी भी विषय में स्नातक और कार्यालय स्वचालन पाठ्यक्रम के लिए जमा दो पास होना जरूरी है। अभ्यर्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया जमा दो और स्नातक के अंकों की मेरिट के आधार पर होगी। केवल अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हिमाचल के मूल निवासी आवेदन के पात्र होंगे। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत 30 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। अभ्यर्थी 10 अप्रैल तक जिला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में सादे कागज पर आवेदन कर सकते हैं। तहसील कल्याण अधिकारी चुराह सुरजीत सिंह मांडला ने बताया कि योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है।