चंबा कॉलेज में काले बिल्ले लगा विधेयक का विरोध करते कॉलेज प्राध्यापक संघ के पदाधिकारी। -संवाद
चंबा। हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ इकाई चंबा कॉलेज के पदाधिकारियों ने गेट मीटिंग कर हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक 2024 की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ ने इसे शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र के लिए बेहद नुकसानदायक करार दिया है।
इस दौरान पदाधिकारियों ने काले बिल्ले लगाकर विधेयक का विरोध किया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह विधेयक कर्मचारियों की सेवा शर्तों को अस्थिर और असुरक्षित बना देगा। यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों और स्वायत्तता को प्रभावित करेगा, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
संघ ने सरकार से विधेयक को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांगी की। संघ के सचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह विधेयक शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ है। यह सेवाओं को असुरक्षित और अस्थिर बनाता है, जिससे न केवल शिक्षकों और कर्मचारियो का मनोबल गिरेगा, बल्कि शिक्षा का स्तर भी प्रभावित होगा। सरकार को कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विधेयक पर पुनर्विचार करना चाहिए।
वहीं, अध्यक्ष डॉ. चमन सिंह ने कहा कि इस विधेयक का पूर्ण रूप से विरोध करते हैं। यह हमारे अधिकारों और राज्य के शैक्षणिक वातावरण के लिए हानिकारक है। सरकार को सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस विधेयक को वापस लेना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने चेताया कि सरकार ने अगर इस विधेयक पर पुनर्विचार नहीं किया तो उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।