स्टाफ की कमी लटका ताला, बागवानों को चुवाड़ी से लाने पड़ रहे पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। सिहुंता क्षेत्र में खोले गए उद्यान उपकेंद्र का बागवानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। यहां लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है, जिससे क्षेत्र के बागवानों को कोई भी सुविधा समय पर नहीं मिल पा रही है। सेब सहित अन्य फलों के पौधे लेने के लिए उन्हें 35 किलोमीटर दूर चुवाड़ी जाना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
स्थानीय बागवानों ने सेब के पौधों की डिमांड उद्यान विभाग को भेज दी है, लेकिन फिर भी उन्हें स्थानीय उपकेंद्र से पौधे नहीं मिल रहे हैं। बागवानों का कहना है कि सिहुंता उपकेंद्र में ताला लटका रहता है और यह केंद्र केवल कागजों में सक्रिय है।
बागवान अशोक कुमार, दीपक कुमार, राजिंद्र कुमार, माधो राम, मदन लाल ने बताया कि कई वर्षों से उपकेंद्र में स्टाफ की तैनाती नहीं हुई है। पौधों की मांग भेजने के बावजूद उन्हें चुवाड़ी जाकर पौधे खरीदने पड़ते हैं, जिससे कई बार समय पर बागवानी गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इस उपकेंद्र को दोबारा सक्रिय बनाए और नियमित तौर पर स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करे, ताकि सिहुंता क्षेत्र के बागवानों को सीधे लाभ मिल सके। बागवानों का कहना है कि सिहुंता उद्यान उपकेंद्र में स्टाफ की तैनाती की जाए। ताकि किसानों को राहत मिल सके और उन्हें दूरदराज की यात्रा से छुटकारा मिले।उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह का कहना है कि उच्चाधिकारी को स्टाफ की तैनाती को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।