पेट्रोल-डीजल के दामों में सात से आठ रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी
महंगाई का अब आम आदमी की जेब पर दिखने लगा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में पिछले 30 दिन में लगातार कई बार बढ़ोतरी हुई है। इससे आम जनता पर महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है। मई में ही पेट्रोल-डीजल के दामों में करीब 7 से 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतों का असर अब सीधे लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है।
15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब तीन रुपये प्रति लीटर की पहली बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को और फिर 23 मई को फिर से कीमतों में इजाफा हुआ। 25 मई को चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए। तेल कंपनियों के कर्मचारियों मुकेश कुमार, ओंकार, सोनू का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण यह वृद्धि करनी पड़ी। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन खर्च में भारी इजाफा हुआ है, जिसका असर सब्जियों, राशन, दूध, फल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ने लगा है। ट्रांसपोर्टरों रविंद्र टंडन, मुकेश कुमार, सुनील कुमार, संजय कुमार आदि का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिससे बाजार में सामान महंगे दामों पर पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों पुरुषोत्तम, विकास कुमार, राज कुमार, रमेश कुमार आदि का कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। रोजाना काम पर जाने वाले लोग, टैक्सी चालक, किसान और छोटे व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है जबकि डीजल भी 95 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है। अर्थशास्त्री भरत भूषण के अनुसार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई दर पर पड़ता है। पेट्रोल-डीजल के दामों में आने वाले उछाल से खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। लोगों की सरकार से मांग है कि पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स में कटौती कर जनता को महंगाई से राहत दी जाए।