पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी से आपातकालीन हवाई सेवा न होने की वजह से शुक्रवार को किलाड़ अस्पताल से एंबुलेंस और सरकारी गाड़ियों के माध्यम से चार मरीजों को लाहौल-स्पीति के उदयपुर के लिए भेजा गया। यहां से एसडीएम की ओर से मरीजों को आगे कुल्लू के लिए भेजा किया जाएगा। सिविल अस्पताल किलाड़ से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के लिए रेफर किए गए मरीज की पहचान महात्मा राम (62) निवासी घंगीत पंचायत करयास के रूप में हुई है।
बुजुर्ग मरीज के दिमाग की नसों में खून जमने के कारण इनकी हालत काफी गंभीर हुई है। 65 वर्षीय भुजू राम निवासी पुर्थी भी दिमाग की बीमारी से ग्रस्त हैं। 53 वर्षीय बुद्धिराम निवासी हिलोर दिल की बीमारी का मरीज है जो काफी समय से सिविल अस्पताल किलाड़ में उपाराधीन है लेकिन जब इस मरीज की हालत गंभीर हुई तो चिकित्सकों ने इसे बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया। पांगी घाटी में यातायात प्रभावित होने की वजह से इसे दो बार दिल का दौरा सिविल अस्पताल किलाड़ में ही आ चुका है। वहीं एक अन्य मरीज की पहचान लक्ष्मीचंद (68) निवासी गुफा की टांग टूटी होने की वजह से इसे भी सिविल अस्पताल किलाड़ से रेफर किया है।
गौर रहे कि जनजातीय क्षेत्र पांगी में हाल ही में हुई रिकॉडतोड़ बारिश की वजह से घाटी शेष दुनिया से कटी हुई है। सात दिन तक पांगी घाटी का अन्य राज्यों और मुख्यालय चंबा से कटा हुआ है। सिविल अस्पताल किलाड़ में केवल एक सर्जन ही मरीजों को उपचार दे रहा है। अस्पताल में कोई विशेषज्ञ न होने की वजह से गंभीर मरीजों को घाटी से रेफर किया जाता है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और एमएस सर्जन डॉक्टर विशाल शर्मा ने बताया कि मरीजों को जब अस्पताल किलाड़ से रेफर किया गया तो उन्होंने इससे पहले उनकी प्रशासन को इसके बारे में जानकारी दी लेकिन, जब मरीजों की हालत गंभीर हुई तो उन्होंने आवासीय आयुक्त पांगी और उपमंडल अधिकारी को आपातकाल हवाई सेवा मुहैया करवाने की गुहार लगाई लेकिन, आपातकाल हवाई सेवा न होने की वजह से सभी मरीजों को वाया कुल्लू-मनाली मार्ग से सरकारी वाहनों और एक एंबुलेंस के माध्यम से लाहौल स्पीति के उदयपुर ले जाया गया।