अपनी बीट के जंगल में पेट्रोलिंग पढ़ाएंगे वन रक्षक
वन विभाग ने वनों और वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर बनाई विशेष योजना
फायर सीजन में जंगलों को होने वाला नुकसान कम करने को लेकर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के जंगलों में वन्य जीवों और पेड़ों की सुरक्षा करने के लिए वन विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत सभी वन रक्षक अपनी बीट में पेट्रोलिंग बढ़ाएंगे, जिससे जंगलों में होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। पेट्रोलिंग किस प्रकार बढ़ाई जा सकती है या किस प्रकार जंगलों में पेट्रोलिंग कर हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है, इस बारे में वन विभाग ने वन रक्षकों को विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिया है। दो दिन पहले मुख्य वन अरण्यपाल कार्यालय के सभागार में कार्यशाला रखी गई थी। इसमें 40 वन रक्षक और जिले के सभी उपमंडलों के डीएफओ ने भाग लिया। कार्यशाला में रैपिड रिस्पांस टीम के सदस्य विशेष तौर पर मौजूद रहे।
मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने कार्यशाला के दौरान सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को सबसे पहले फायर सीजन के बारे में जानकारी दी। साथ ही इस सीजन में वनों को होने वाले नुकसान के बारे में बताया। यह भी बताया कि इस नुकसान को किस प्रकार कम किया जा सकता है। इसके लिए सभी वन रक्षक अपने परिक्षेत्र में लोगों को वनों के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे। साथ ही वन्य जीवों के बारे में भी लोगों को जागरूक करेंगे, जिससे लोग अपने आसपास के जंगल को अपनी संपत्ति मान कर उसकी रखवाली करने में आगे आएं। इतना ही नहीं, उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे जंगलो में होने वाली पेट्रोलिंग को बढ़ाएं, जिससे जंगलों में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। खासतौर पर रात के समय जंगलों में ज्यादा निगरानी रखी जाए। डीएफओ चंबा कृतज्ञ कुमार ने भी कार्यशाला में वन कर्मचारियों को जंगलों की रखवाली के लिए जरूरी जानकारी मुहैया करवाई।