चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में सामान बेचने आए व्यापारियों ने नगर परिषद चंबा के कर्मचारियों पर 500 रुपये पर्ची शुल्क काटकर अगले ही पल 70 हजार का सामान जब्त करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, सामान उठाकर ले जाने के बाद गुस्साए व्यापारी ने सामान न मिलने पर आत्मदाह तक करने की धमकी दे डाली। काफी जद्दोजहद के बाद भी पीड़ित व्यापारी को उसका सामान वापस नहीं मिल पाया है। कारोबारियों का कहना है कि नप के कर्मचारी आकर एक तरफ उन्हें फड़ी लगाने के लिए 500 रुपये शुल्क की पर्ची काट देते हैं तो वहीं, दूसरी ओर बाद में नप कर्मचारी डोम में दुकानें खरीदकर व्यापार करने वाले व्यापारियों का तर्क देकर उन्हें सामान सहित खदेड़ रहे हैं जो सरासर अन्याय है। उन्होंने प्रशासन से आगामी 10 अगस्त तक दुकानें लगाने की अनुमति दिए जाने की मांग उठाई है।
मिंजर मेले में पहली मर्तबा एक तरफ नगर परिषद के कर्मचारी बाहरी राज्यों के व्यापारियों की 500 रुपये शुल्क की पर्ची काट रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उन्हें ही खदेड़ने के लिए पहुंच रहे हैं जो सरासर अन्याय है। -अरमानखान, सहारनपुर निवासी।
15 साल से अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला लगाने के लिए आ रहे हैं। लेकिन, इस बार अव्यवस्था इस प्रकार हावी दिख रही है कि अब दोबारा मिंजर मेला लगाने के लिए नहीं आएंगे। -देवराज, पठानकोट निवासी।
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला लगाने के लिए काफी परेशानियां उठाकर पहुंचे हैं। पहले जहां भारी बारिश ने उनकी मुसीबतें बढ़ाईं ऐसे में अब नगर परिषद के कर्मचारियों ने उन्हें परेशान करके रख दिया है। यदि इस प्रकार का आलम रहा तो आगामी वर्ष मेला लगाने नहीं आ पाएंगे। -बबलू, अमृतसर निवासी।
बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों को जिला प्रशासन की ओर से दुकानें लगाने के लिए अतिरिक्त समय देना चाहिए जिससे घाटा उठाने वाले व्यापारी भी लाभ अर्जित कर मेले से जाएं। बावजूद इसके नप के कर्मचारी उन्हें खदेड़ने और सामान जब्त करने में लगे रहते हैं। -बाबू राम, जालंधर निवासी।
उपमंडलाधिकारी नागरिक अरुण शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। नप को जब्त किए सामान को चालान कर वापस लौटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे।