चंबा में जंगलों की आग शांत होने का नाम नहीं ले रही है। चंबा में एक के बाद एक जंगल में आग लग रही है। लेकिन जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।
गर्मियों के सीजन में अक्सर चंबा के जंगलों में आग लगाई जाती है। जिससे लाखों रुपये की वन संपदा राख हो जाती है। मंगलवार को बन्नू फाट जंगल पूरी रात जलता रहा है। जंगल की आग इतनी भयंकर थी कि बुधवार शाम तक जंगल की आग का धुआं आसमान में उठता रहा। इससे पहले मुगला, भडियांकोठी, राजनगर, चकलू, रठियार, साच व अन्य जंगलों में आगजनी के मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें लाखों रुपये की वन संपदा स्वाह हो चुकी है।
स्थानीय निवासी, चंद राम, धर्मपाल, राकेश, किशोर, मनोज कुमार, देश राज, प्यार सिंह, रूप सिंह, जय सिंह, भानू प्रताप और शक्ति प्रसाद ने बताया कि चंबा में हर वर्ष जंगल की आग से लाखों रुपये की वन संपदा राख होती है। सरकार व प्रशासन द्वारा जंगल की आग पर काबू पाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्वों को पकड़ कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीएफओ चंबा राकेश कुमार ने बताया कि जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्वों को पकड़ने के लिए सभी वन रक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। जो भी व्यक्ति जंगल में आग लगाता हुआ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।